जब कोई बात चले...
मुमकिन है की मैं कुछ रिवाज़ों को बदल डालूं, ना ये वक्क्त है उनका ना अब बर्दाश्त होता है....
Tuesday, February 12, 2013
रचना...
Sunday, February 3, 2013
कौन हूँ मै?
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